चिड़िया
चिड़िया राहगीर अपने सफर मेंएक निर से रूबरू होता।नज़र फेरते ही खुश हो गया,झूम उठा वो एक चिड़िया के होने से,मानो उसे गंज-ए-ताला हासिल हो गया।नख़ल की तरह वो बड़ी होती रही,अब वह चिड़िया काबिल-ए-एहसास हो गई।उसकी जिंदगी में एक अली दाखिल हुई,जिसके लिए वह चिड़िया सांसों की तरह थी,उसे हमेशा पास रखती।अली जब भी […]

