मृत समाज
मृत समाज रूह ने झुलस्कर आग से तो पूछा होगा उस दिन,जलकर वो जो खाक हुई क्या रूह जली होगी उस दिन?क्यूं किसी ने कहा नहीं उसे की वोतब भी जीवित रह सकती है जबये समाज न चाहें।जलना ही उसने क्यूँ ठाना जब और भी थे उपाय ।निर्मम प्रताड़ना को सहनाक्या अपनो के मुख फेर […]










