क्यों, a poetry by Manya Somani, Participant, Celebrate Life with Us at Gyaannirudra

क्यों?

क्यों? “बेटा वहाँ मत जाओ”,“बेटा रात में बाहर मत जाओ”,“बेटा वो मत पहनो” सुनती हैहर लड़की बड़ी हो या छोटी।क्यों हमेशा सहे हम,क्यों हमेशा दबे हम?इस प्रांत में जहाँ मानतेनारी को लक्ष्मी का रूप,जहाँ देते उसे मान देवी का,क्यों छीन लेते सम्मान उसी का?एक किस्से से हुआ खुलासालाखों ऐसे किस्सों कादो साल की बच्ची हो […]

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