क्यों?
“बेटा वहाँ मत जाओ”,
“बेटा रात में बाहर मत जाओ”,
“बेटा वो मत पहनो” सुनती है
हर लड़की बड़ी हो या छोटी।
क्यों हमेशा सहे हम,
क्यों हमेशा दबे हम?
इस प्रांत में जहाँ मानते
नारी को लक्ष्मी का रूप,
जहाँ देते उसे मान देवी का,
क्यों छीन लेते सम्मान उसी का?
एक किस्से से हुआ खुलासा
लाखों ऐसे किस्सों का
दो साल की बच्ची हो या
अस्सी साल की प्रौढ़ा,
इन्होंने किसी को भी न छौड़ा।
कहते लोग-” होगी गलती उसकी “,
गलती उसकी डॉक्टर बन्ना चाहा उसने?
गलती उसकी गलत आदमी पर भरोसा किया उसने?
गलती उसकी घर से बाहर निकली वो?
गलती उसकी घर में रही वो?
क्या गलती उसकी लड़की बन जन्मी वो
जहाँ अंजनी पुत्र ने सीता माता
के अपमान के बदले में पूरी
लंका को ज्वलित कर दिया,
जहाँ प्रभु कृष्ण ने द्रौपदी की
गरिमा को छिन्ने से बचाया,
क्यों उसी देश में सुरक्षित नहीं
महिलाएँ हमारी? क्यों हमेशा वे
जीती डर-डर के? क्यों हमेशा वे
जीती मर-मर के?


