श्रद्धा गीत, a poetry by Chanda Arya, Celebrate Life with Us at Gyaannirudra

श्रद्धा गीत भारतवीरों के लिए

श्रद्धा गीत भारतवीरों के लिए

कुछ मौन रहे मन के
आत्मा को प्रकाशित कर गए,
कुछ मौन हुए मुखर
जग को आलोकित कर गए।
हर रूप, हर ढंग में वे
उपस्थिति अपनी दर्ज करा गए,
नवदृष्टा , नवसृष्टा बन
इस धरा को वन्दे मातरम बना गए,
दिखा गए पथ
जीवन मूल्य सिखा गएl
तुम रहो चाहे मौन
या मुखरित हो, प्रकट करो,
किन्तु एक दिया तो अवश्य जलाओ
जो आलोकित करे पथ को,
या मन का अंधकार मिटा दे
जाते हुए भी वे हमें यह पाठ सिखा गएl