अहसासों की बात, a poetry by Parveen Gill, Participant, Celebrate Life with Us at Gyaannirudra

अहसासों की बात

अहसासों की बात यूँ तो कितने ही कागज भर दूँलिखते-लिखते दिल के जज़्बात,खत्म होती नहीं फिर भीजीवन में आते-जातेग़म और खुशी के अहसासों की बात।कभी खुशी की फुहारेंभिगो देती हैं,मन की तृष्णा की तड़प को।कभी ग़म की कसकतीर सी चुभती है दिल में,और बहा देती है निरंतरअश्कों के समन्दर को।इच्छाओं की वासना की अग्निकाश कभी […]

अहसासों की बात Read More »