Hindi Poetry

जिम्मेदारी जो बचपन में आ गई, a poetry by Muskan, Participant, Celebrate Life with Us at Gyaannirudra

जिम्मेदारी जो बचपन में आ गई

जिम्मेदारी जो बचपन में आ गई सोचो हालातों ने उसके साथ क्या क्या करा हुआ होगाजो एक बच्चा अपने ही घर जाने से डरा हुआ होगा | स्कूल में छुट्टी की घंटी, बच्चों की खिलखिलाहट थी,लेकिन कोने में बैठे उस बच्चे के मन में डर की आहट थी| जिसने बचपन में माँ की चीखें पिता […]

जिम्मेदारी जो बचपन में आ गई Read More »

गुब्बारे वाला बच्चा, a poetry by Bhagat Singh, Participant, Celebrate Life with Us at Gyaannirudra

गुब्बारे वाला बच्चा

गुब्बारे वाला बच्चा घूम रहा थाबीच सड़क केपैदल पथ परदस-दस, के गुब्बारे बांधेहोंगे दस या बीसबांस की लकड़ी पर लटके गुब्बारेरंग बिरंगे तैर हवा मेंछेड़ रहे थे अजब स्पंदनएक दूजे को छेड़-छेड़ करमानो दो जोड़ो के कंधेआपस में मिलकर टकरातेफिर थोड़ा हटकर मुस्कातेदी थी उसने साँसेउन निर्जीव से दिखतेरबर के थैलों,को अपनेहिस्से की मिली साँसे

गुब्बारे वाला बच्चा Read More »

मैं, a poetry by Rita Chauhan, Celebrate Life with Us at Gyaannirudra

मैं

मैं ‘मैं’, एक विचित्र शब्द है ये,ऊँचे पर्वत चढ़ाए कभी,तो कभी झट से नीचे गिरा दिया।ब्रह्मांड के रहस्य ढूँढ निकालेतो कभी स्वयं के भीतर से भी अनभिज्ञ रखा।हज़ारों मित्र बनवाये कभी,कभी एक रिश्ता सम्भाल पाया नही।‘मैं’ ही था परेशानियों की तेज़ आँधियों के बीच,विश्वास के दिये कि लौ को जलाए।ये ‘मै’ ही था सूरज के

मैं Read More »

अहसासों की बात, a poetry by Parveen Gill, Participant, Celebrate Life with Us at Gyaannirudra

अहसासों की बात

अहसासों की बात यूँ तो कितने ही कागज भर दूँलिखते-लिखते दिल के जज़्बात,खत्म होती नहीं फिर भीजीवन में आते-जातेग़म और खुशी के अहसासों की बात।कभी खुशी की फुहारेंभिगो देती हैं,मन की तृष्णा की तड़प को।कभी ग़म की कसकतीर सी चुभती है दिल में,और बहा देती है निरंतरअश्कों के समन्दर को।इच्छाओं की वासना की अग्निकाश कभी

अहसासों की बात Read More »

चिड़िया, a poetry by Sweta Kumari, Participant, Celebrate Life with Us at Gyaannirudra

चिड़िया

चिड़िया राहगीर अपने सफर मेंएक निर से रूबरू होता।नज़र फेरते ही खुश हो गया,झूम उठा वो एक चिड़िया के होने से,मानो उसे गंज-ए-ताला हासिल हो गया।नख़ल की तरह वो बड़ी होती रही,अब वह चिड़िया काबिल-ए-एहसास हो गई।उसकी जिंदगी में एक अली दाखिल हुई,जिसके लिए वह चिड़िया सांसों की तरह थी,उसे हमेशा पास रखती।अली जब भी

चिड़िया Read More »

वक्त, a poetry by Prachi Nagargade, Celebrate Life with Us at Gyaannirudra

वक्त

वक्त कहते है वक्त को भी वक्त लगता हैकुछ गम भुलाने के लिएहम कितना ये वक्त के पीछे भागते है नाये समय ना हुआ जैसे किसी गाड़ी का पहिया हुआजो एक दिशा से दूसरी दिशादूसरी से तीसरी और बस चलते रहता हैकहते है हर ज़ख्मो पे मरहम है येहर दुआ की उम्मीद है येहर नाराज़गी

वक्त Read More »

कायर कौन?

कायर कौन? तुमने कहा था नहीं मानतेतुम जाति-धर्म की लकीरे,तुमने कहा था कि तुम्हारेलिए केवल प्रेम धर्म हैं……क्या झूठ थी तुम्हारी कही हर बात,क्या झूठ था हमारा प्यार,क्या झूठ था अब तक का साथ,क्या सच में सब झूठ ही था…….जा रही हूँ इस संसार से,जहाँ लोगों को जाति-धर्म,के आधार पर बाटां न जाए,जा रही हूँ

कायर कौन? Read More »

मृत्यु, a poetry by Vaishnavi Khillare, Celebrate Life with Us at Gyaannirudra

मृत्यु

मृत्यु इंसानी दिमाग पाल लेता है हजारों ख्वाहिशें,अगर न रहा कल में तो होगी मेरी कमी महसूस,कौन समझाए भला उसे ये है तुम्हारा वहम,बाकियों का तो छोड़ो अपने भी कर लेते है सहन।हां तुम्हारे न होने पर याद आएगी जरूर,कुछ किस्से कहानियां रुलाएगी जरूर,और कुछ वक़्त बीतने पर सच मान लेंगे सब,क्या ही रोना. नहीं

मृत्यु Read More »

नया दौर, a poetry by Muskan Tharaney, Celebrate Life with Us at Gyaannirudra

नया दौर

नया दौर उम्र का ये नया दौर… घेरे है, हमें हजारों सवालों का शोर…ज़स्बात उमड़ने लगे है, हकीकतें बिखरने लगी है…थोड़ा, वक्त ठहर जायें… थोड़ा, हम संभल जायें…बिखरते अरमानों को समेट लेते,काश हम तुम से मिल लेते,कहते कुछ अपनी कहानी,कुछ तुम्हारी सुनते…गर सितम इस जंहा का ना उठाते…तो इतिहास बना जाते…पन्नो पर लाल स्याही से

नया दौर Read More »

स्वच्छ भारत अभियान, a poetry by कादरभाई एन. मनसुरी, Participant, Poetry Writing, Celebrate Life with Us at Gyaannirudra

स्वच्छ भारत अभियान

स्वच्छ भारत अभियान भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्रभाई मोदीजी के ‘स्वच्छ भारत मिशन’ में खुशहाल भारत है।‘एक कदम स्वच्छता की ओर’ में स्वास्थ्यवर्धक वातावरण निर्माण का आह्वान है।राष्ट्रपिता महात्मा गांधीजी के सफाई- सौंदर्य में सामुदायिक साझेदारी का परिपालन है ।‘स्वच्छता ही सेवा’ की उज्जवल प्रतिबद्धता में समाहित खुशबू भारत की सदाबहार है।शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों

स्वच्छ भारत अभियान Read More »